हम में से अधिकतर लोग कंप्यूटर का ईस्तमाल कर रहे होंगे लेकिन क्या आपकों पता है की माउस क्या है और कितने प्रकार के होते हैं. यदि आप computer
का ईस्तमाल कर रहे होंगे तो आपने जरुर Mouse का ईस्तमाल तो किया ही होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं की माउस कों हिंदी में क्या कहते हैं और ये माउस कैसे काम करता है?
दुसरे सभी devices जैसे की monitor, keyboard, speaker के होते हुए भी Mouse का अपना ही दर्जा है, ये एक तरह से सभी चीज़ों कों screen पर control करता है. तो ईसे खरीदने से पहले क्यूँ न ईसके अलग प्रकार के विषय में जानें.
ये तो हमें पता ही है की हम चारों और से Technology से घिरे हुए हैं. हम रोजमर्रा के काम में ईस्तमाल कर रहे सभी काम किसी न किसी रूप में technology से सम्बंधित ही है. ये technology हमारे कार्य कों आसान ही नहीं बल्कि जल्दी भी कर देती है जिससे हमारे काफी समय की बचत होती है.
क्या आपकों पता है की computer कों operate करने के लिए सबसे जरुरत वाली चीज़ क्या है?
अगर आपने Mouse के बारे में सोचा है तब आपने सही अनुमान लगा है. क्यूंकि Computer Screen में हो रहे सभी गतिविधियों कों Mouse के द्वारा ही control किया जाता है.
वही ये जानना भी बहुत ही जरुरी है की माउस के प्रकार क्या हैं? देखा जाये तो Mouse बहुत से प्रकार के आते हैं और उन्हें हमारी जरुरत के हिसाब से ईस्तमाल किया जाता है.
तो आज हम ईस post में माउस के प्रकार के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे. तो फिर देरी किस बात चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं ये माउस क्या होता है हिंदी में और क्या करता है.
माउस क्या है – What is Mouse in computer ?
माउस एक ईनपुट डिवाईस है. यह एक pointing device है जिसका ईस्तमाल PC के साथ interact करने के लिए किया
जाता है. Mouse का ईस्तमाल मुख्य रूप से कम्प्युटर स्क्रीन पर different Items कों चुनने, उनके विषय में जानने तथा उन्हे खोलने एवं बदं करने में किया जाता है.
माउस के ईस्तमाल द्वारा उपयोगकर्ता (User) कम्प्युटर कों कोंई कार्य करने के लिए निर्देश देता है. ईसके द्वारा एक User कम्प्युटर स्क्रीन पर कहीं भी पहुँच सकता है.
Mouse के अलग अलग models होते हैं जिनमें की अलग अलग features और connectivity होते हैं, लेकिन प्राय सभी मॉडल्स में दो mouse buttons और एक scroll wheel होता है.
Mouse के interface अलग अलग होते हैं यानि की वो computer या दुसरे कोंई system के साथ जुड़ने के लिए जो माध्यम होते हैं. तो फिर चलिए आगे Mouse के विषय में और जानकारी प्राप्त करते हैं.
माउस का फुल फॉर्म क्या है?
माउस का फुल फॉर्म है, Manually Operated Utility For Selecting Equipment.
माउस का पूरा नाम हिंदी में कुछ ईस तरह होगा, “उपकरण के चयन के लिए मैन्युअल रूप से संचालित उपयोगिता“.
माउस की परिभाषा
माउस एक छोटा सा इशारा करने वाला उपकरण होता है, जिसे की एक कंप्यूटर उपयोगकर्ता ईस्तमाल करता है जिसमें डेस्क की सतह होती है।
इशकी मदद से डिस्प्ले स्क्रीन पर बिंदु, चयन, क्लिक, ड्रैग, ड्रॉप और स्क्रॉल किया जा सकता है, वही इशके अलावा आइससे चुनें ही किया जा सकता है एक दो क्रिया करने के लिए उस स्थिति से।
इशकी मदद से डिस्प्ले स्क्रीन पर बिंदु, चयन, क्लिक, ड्रैग, ड्रॉप और स्क्रॉल किया जा सकता है, वही इशके अलावा आइससे चुनें ही किया जा सकता है एक दो क्रिया करने के लिए उस स्थिति से।
कंप्यूटर माउस के जनक कौन थे?
माउस कों सही X-Y स्थिति संकेतक कहा जाता है कि किस की डिसप्ले प्रणाली में ईस्तमाल किया जाता है। सन 1963 में डगलस एंजेलबर्ट के द्वारा माउस का अविष्कार हुआ था।
जो की उस समय ज़ेरॉक्स PARC में काम करते थे। ये उस समय ईतना प्रसिद्ध हुआ की आज यह इंगित करने वाली डिवाइस कों आप सभी कंप्यूटर में देख सकते हैं।
माउस के बारे में
जो की उस समय ज़ेरॉक्स PARC में काम करते थे। ये उस समय ईतना प्रसिद्ध हुआ की आज यह इंगित करने वाली डिवाइस कों आप सभी कंप्यूटर में देख सकते हैं।
माउस के बारे में
यहाँ निचे में आप लोगों कों mouse के functions के विषय में जानकारी दूंगा. ईससे user कों mouse कों ईस्तमाल करने में आसानी होगी.
1. माउस कर्सर कों मूव करना - ये प्राइमरी फंक्शन जिसका काम ही है कों माउस कर्सर कों स्क्रीन ’मूव करना।
2. किसी प्रोग्राम को खोलें या निष्पादित करें - माउस के ईस्तमाल से उपयोगकर्ता किसी भी आइकन, फ़ोल्डर, या किसी दुस्साहस प्रोग्राम कों क्लिक करके खुले और निष्पादित कर सकते हैं।
3. Select: - माउस का ईस्तमाल पाठ चयन करने के लिए, हाइलाइट करने के लिए कर सकते हैं।
4. खींचें और ड्रॉप- उपयोगकर्ता आसानी से कोंई दस्तावेज़ कों खींचें और ड्रॉप कर सकते हैं।
5. होवर - माउस के ईस्तमाल से वस्तुओं के ऊपर मंडराना कर सकते हैं। होवर का मतलब है की जब आप किसी वस्तु के ऊपर कर्सर कों लायेंगे तब उसके सम्बन्ध में जो भी जानकारी उपलब्ध होगी वह दिखाएगा।
6. स्क्रॉल: - माउस के ईस्तमाल से आप बड़े दस्तावेज़ कों पूरा देखने के लिए ऊपर निचे स्क्रॉल कर सकते हैं।
2. किसी प्रोग्राम को खोलें या निष्पादित करें - माउस के ईस्तमाल से उपयोगकर्ता किसी भी आइकन, फ़ोल्डर, या किसी दुस्साहस प्रोग्राम कों क्लिक करके खुले और निष्पादित कर सकते हैं।
3. Select: - माउस का ईस्तमाल पाठ चयन करने के लिए, हाइलाइट करने के लिए कर सकते हैं।
4. खींचें और ड्रॉप- उपयोगकर्ता आसानी से कोंई दस्तावेज़ कों खींचें और ड्रॉप कर सकते हैं।
5. होवर - माउस के ईस्तमाल से वस्तुओं के ऊपर मंडराना कर सकते हैं। होवर का मतलब है की जब आप किसी वस्तु के ऊपर कर्सर कों लायेंगे तब उसके सम्बन्ध में जो भी जानकारी उपलब्ध होगी वह दिखाएगा।
6. स्क्रॉल: - माउस के ईस्तमाल से आप बड़े दस्तावेज़ कों पूरा देखने के लिए ऊपर निचे स्क्रॉल कर सकते हैं।
Mouse Interface के प्रकार
समय के साथ साथ Mouse के कई अलग अलग interfaces भी develop हुए जैसे जैसे technology advanced हुई. यहाँ पर में आप लोगों कों कुछ ऐसे ही interfaces के विषय में जानकारी देने जा रहा हूँ :सीरियल माउस
ये ई सूची की सबसे पुरानी प्रकार का माउस है जो अभी और काम में नहीं आ रहा है, लेकिन आप सरकारी कार्यालयों में ईसे कुछ मशीनों में देख रहे हैं।एक सीरियल कनेक्टर (एक DE-9F D-subminiature) होता है और Ese PC के साथ जुड़ने के लिए मुफ्त सीरियल पोर्ट होता है।
ये आमतौर पर कॉर्डेड-टाइप का माउस होता है और ये खुद को ऑपरेट करने के लिए पावर सीरियल पोर्ट से लेता है।
ये सीरियल माउस कों कोल्ड-प्लगगेबल के नाम से भी संदर्भित किया जाता है, जिसका मतलब है की कंप्यूटर के साथ केवल कनेक्ट करना चाहिए जब कंप्यूटर स्लैथि में बंद हो जाए।
PS / 2 माउस ये PS / 2 माउस, सीरियल माउस का ऊपरी संस्करण है। ईनके आने से लोग ज्यादा ईन्ही के प्रति आकर्षित होते हैं। अब नहीं भी ख़रीदा जा सकता है क्यूंकि अब भी बहुत सारे मदरबोर्ड निर्माता PS / 2 पोर्ट प्रदान कर रहे हैं।
ये PS / 2 कनेक्टर (Mini-DIN) सर्कुलर होता है और Isments 6 पिन होते हैं, ईनकी डिजाइन के कारण ईन्सेन केवल सही तरीके से ही पोर्ट के साथ गठबंधन कर सम्मिलित किया जाता है। PS / 2 चूहों में भी ठंडा-प्लग करने योग्य होते हैं।
USB माउस
यदि हम अभी की बात करें तब आजकल हम USB interface वाले mouse का ईस्तमाल करते हैं जिसे की एक free USB port चाहिए. ये either corded या cordless/wireless होते हैं. ये Serial और PS/2 के counterpart में hotpluggable, होते हैं.ईसका मतलब है की आप ईन्हें computer के running condition में भी ईस्तमाल कर सकते हैं, यहाँ न ईस mouse कों या फिर computer कों कोंई खतरा होता है.
वायरलेस माउस
ताररहित या वायरलेस चूहों डेटा को अवरक्त विकिरण या रेडियो (जो की ब्लूटूथ) के माध्यम से करती है।यहाँ पर रिसीवर कों कंप्यूटर के साथ कनेक्ट करने के लिए सीरियल या यूएसबी पोर्ट का ईस्तमाल किया जाता है, या फिर भाग में बनाया जाता है जैसे की ब्लूटूथ का ईस्तमाल किया जाता है।
आजकल के आधुनिक गैर-ब्लूटूथ वायरलेस चूहों USB रिसीवर का ईस्तमाल करते हैं। जहाँ कुछ में ईन्सेन माउस के भीतर ही सुरक्षित रूप से स्टोर किया जा सकता है वही कहीं कहीं "नैनो" रिसीवर भी हैं, जिन्हें कुछ ई प्रकार से डिज़ाइन किया जाता है जो की ईटन छोटे होते हैं की वो आपके लैपटॉप या सिस्टम में हमेशा कनेक्ट होते हैं होते हैं।
ये बहुत ही नवीनतम किस्म के माउस हैं जिनके लिए केबल की आवश्यकता नहीं होती है, कनेक्ट होने के लिए है।
जहाँ कुछ वायरलेस माउज़ कों USB रिसीवर के माध्यम से कनेक्ट किया जाता है वही दुसरे कों ब्लूटूथ कनेक्शन के जरिये से है। प्रकार के माउस माउस बैटरी से बिजली दी जाती है जो की एए प्रकार होते हैं।
एक बुनियादी पीसी माउस का डिजाइन यदि आप पीसी ईस्तमाल करते हैं तो आप जरूर माउस का ईस्तमाल करते हैं। ये माउस कोन आपको अपने कीबोर्ड के दाहिनेशन या बहिनेशन दिशा में जाएगा।
ईसे ठीक तरह से संचालित करने के लिए थोडा स्थान चाहिए। यहाँ में निचे आप लोग कों एक माउस के जो मूल भाग होते हैं उनके विषय में जानकारी दूंगा:
बायां (मुख्य) बटन: यह बायां बटन, आपके दाहिने हाथ की तर्जनी के निचे आता है जो की सबसे मुख्य बटन है। ई बटन का ईस्तमाल सबसे ज्यादा किया जाता है। व्हील बटन: ईसे सेंटर या व्हील भी कहा जाता है, ई बटन कोन आप बाएं और दाएं बटन कों प्रेस करने के जैसे ईस्तमाल कर सकते हैं। ईसे मुख्य रूप से स्क्रीन कों ऊपर निचे या रोल करने के लिए किया जाता है। राइट बटन: ये राइट बटन का ईस्तमाल हम विशेष संचालन के लिए करते हैं, ईके अलावा राइट-क्लिक करने से ये शॉर्टकट या संदर्भ मेनू कों पॉप पॉप करता है। .Mouse शरीर: माउस एक साबुन के आकार का होता है। आप अपने हथेली का भार ई माउस शरीर के ऊपर देते हैं और अपने उँगलियों का ईस्तमाल से माउस बटन का ईमालमाल करते हैं। विशेष बटन: आइसके अलावा भी माउस में कई दुसरे विशेष बटन होते हैं, जिनके इंटरनेट नेविगेशन और दुसरे विशिष्ट कार्यों के लिए हैं। ईस्तमाल किया जाता है।माउस के टचपैड कों क्या कहते हैं? माउस के टचपैड कों ट्रैकपैड, ग्लाइड पैड, ग्लाइड पॉइंट ईत्यादि कहा जाता है।
Touchpad क्या है?
Touchpad एक प्रकार का input device होता है laptops और कुछ keyboards में. ये user कों allow करता है cursor कों move करने के लिए वो भी अपने उँगलियों के मदद से. ईन्हें external mouse के स्थान पर भी ईस्तमाल किया जा सकता है.माउस के प्रकार – Types of Mouse in Hindiआज market में mouse के बहुत सारे variety उपलब्ध हैं, सभी में कुछ न कुछ अलग technology होती है जो की एक दुसरे कों उनके function में अलग करती हैं.
कॉर्डेड माउस
एक कॉर्डेड माउस कॉन सीधे कनेक्ट हो जाता है कंप्यूटर के साथ एक केबल (सीरियल, पीएस / 2 या यूएसबी) के माध्यम से होता है। ये अपने ऑपरेशन के लिए पावर उसी पोर्ट से लेता है जिससे ये जुड़े हुए हैं, इका मतलब है की ईमेंड बाहरी बैटरी की कोंई जरूरत ही नहीं है।कॉर्डेड चूहे ज्यादा सटीकता वाले होते हैं क्यूंकि उन्हें ज्यादा कोंई मुद्दा नहीं होता है जैसे कि 'सिग्नल इंटरफेरेंस या परफॉरमेंस लॉस कम बैटरी स्टेट्स या कारण।
ताररहित / वायरलेस माउस एक ताररहित या वायरलेस माउस, उस माउस कोने का कहना है जिसमें की कोंई केबल नहीं लगी है और ये वायरलेस तकनीक का ईस्तमाल करता है डेटा ट्रांसफर करने के लिए और कंप्यूटर से कनेक्ट होने के लिए।
ये उन स्थानों के लिए बहुत अच्छा है जहाँ आपक कॉर्ड या केबल से परेशानी होती है जैसे की यात्रा करते वक़्त।
क्या माउस कों संचालित करने के लिए बैटरियों की आवश्यकता होती है। बैटरियों के होने से ये थोडा भारी भी होता है।
मैकेनिकल माउस
एक यांत्रिक माउस कों बॉल बॉल माउस भी कहा जाता है जिसमें एक गेंद और बहुत सारे रोलर्स होते हैं जो आंदोलन को ट्रैक करने के लिए होते हैं।प्रकार के माउस आमतौर पर कॉर्डेड किस्म के होते हैं और ऑप्टिकल माउस के जैसे बहुत लोकप्रिय नहीं होते हैं।
इकी प्रदर्शन बहुत ही उच्च होता है लेकिन ईसे समय समय पर सफाई की ख़ास ज़रूरत होती है।
ऑप्टिकल माउस
एक ऑप्टिकल माउस ऑप्टिकल इलेक्ट्रॉनिक्स का ईस्तमाल करता है, माउस की स्थिति और कार्य कों ट्रैक करने के लिए है। ईन्नेन मानक यांत्रिक चूहों का भी रेटेड मिला है क्यूंकि ये दूसरों के तुलना में ज्यादा विश्वसनीय होते हैं और इसे कम रखरखाव की आवश्यकता होती है।लेकिन ईनकी प्रदर्शन प्रकार की सतह पर निर्भर करती है जिनके ऊपर ये संचालित होते हैं।
Mouse कैसे काम करते हैं
ये बात तो हम सभी के मन में आया होगा की आखिर ये Mouse काम कैसे करते हैं. ईसलिए चलिए आपके ईस संका कों भी दूर कर देते हैं.Ball computer mouse कैसे काम करता है
जैसे हम अपने बॉल माउस कों रोल करते हैं अपने डेस्क के ऊपर, निचे स्तिथ बॉल भी रोल होने लगता है अपने वजन से और उसके साथ लगे दो प्लास्टिक रोलर्स जो की जुड़े होते हैं पतले पहियों के साथ कों आगे धकेलता है ।0।ईन दोनों कमरों में से एक पहिया उपर और नीचे की दिशा का पता लगाता है (जैसे की y- अक्ष किसी ग्राफ पेपर) आंदोलनों का पता लगाता है; वही दूसरा पहिया एक एक द्वारा दांए व बांए आंदोलनों (जैसे की एक्स-एक्सिस किसी चार्ट पेपर) आंदोलनों का पता लगाता है।
अब सवाल उठता है की कैसे ये पहे आपके हाथ की हरकत कों को मापते हैं? जैसे जैसे आप माउस कों मूव करते हैं, बॉल रोलर्स कों मूव करता है, ऐसे में एक या दोनों कमरों को घुमाते हैं।
यदि आप माउस को ऊपर ले जाएंगे, तो केवल y- अक्ष का पहिया ही घूमेगा; वैसे ही अगर आप उसे सही में घुमाएँगे तो केवल एक्स-एक्सिस व्हील को ही घुमाएँगे। ठीक उसी तरह आप माउस कोन से किस कोण में गति करते हैं, वैसे ही गेंद भी दोनों पहियों के साथ चलते हैं।
इके साथ एक छोटी से दिमागवाली चीज़ों का भी ईस्तमाल किया गया है। दोनों पहिया प्लास्टिक के प्रवक्ता से बने हुए हैं और जैसे जैसे ये मोड़ करता है, तब उसने बार-बार बोला एक प्रकाश किरण कों ब्रेक करते हैं।
बहुत ज्यादा पहिया मोड़ेंगे, उतनी ही ज्यादा वो बीम भी टूट जाएगी। इलिए कितने बार वो बीम टूटी उसे गिनना ही ठीक ये माप करना है की वो पहिया कितना बारी करी है और आपने माउस कों कितना चालित किया है।
ये गणना और माउस के भीतर स्तिथ माइक्रोचिप करता है, जो की संपूर्ण जानकारी कों केबल के जरिये कंप्यूटर तक है। सॉफ्टवेयर जो आपके कंप्यूटर में होता है, वह ई डेटा के अनुसार ही कर्सर कों चलता करता है स्क्रीन में आवश्यकता के हिसाब से।
बॉल माउस के नुकसान
ईस mouse में बहुत problems भी है. जैसे की ये सभी surfaces में काम नहीं करता है. ईसलिए ईसे special mouse mat की जरुरत होती है.ईसके साथ भी अगर आपके पास mat हो भी फिर भी rubber ball और ईसके rollers gradually मैले हो जाते हैं जिस कारण x- और y-axis wheels बार बार ईधर उधर हो जाते हैं.
ईसलिए ईन्हें हमेशा साफ़ रखना चाहिए. एक दूसरा option ये भी है की आप optical mouse का ईस्तमाल करें.
Optical mouse कैसे काम करता है
एक ऑप्टिकल माउस पूरी तरह से अलग गणना से काम करता है। इशमें एक एलईडी माउस के पीछे में लगी हुई है जो की चमक करती है डेस्क के ऊपर।ये लाइट स्ट्रेट बाउंस बैक करती है, बैक बैकअप ऑफ डेस्क के ऊपर जहाँ के एक फोटोकेल (फोटोइलेक्ट्रिक सेल) होता है,
जो भी माउस के निचे ही माउंट हुआ होता है, और जो की बहुत ही कम दूरी की दूरता में स्तिथ होता है एलईडी से।
Is फोटोकेल की एक लेंस होती है Isake सामने जो की में परावर्तित प्रकाश कों मैग्नीफाय करती है, जिससे की आपके हाथ की गति कों ठीक मार्क होती है।
जैसे आप माउस कॉ मूव करते हैं डेस्क के ऊपर, उसी तरह परिलक्षित प्रकाश की पटर भी बदलती है और जो चिप माउस के भीतर होता है वह ये आकृति करता है की आपके हाथ किस हिसाब से चाल कर रहे हैं।
कुछ ऑप्टिकल चूहों के दो एल ई डी भी होते हैं। एक जो की डेस्क के ऊपर चमक करती है और आंदोलन कों पता करती है। दूसरा जो की माउस के पीछे में लगा होता है और उसे पता चलता है कि माउस काम कर रहा है या नहीं। बाकि ये माउस भी उसी तरह से काम करते हैं।
ऑप्टिकल माउस के नुकसान इसी तरह यह ऑप्टिकल माउस, पहले के बॉल माउस की तुलना में काफी बेहतर है, लेकिन इशमें भी कुछ खामियां है जैसे की ये कंप्यूटर के साथ जुड़ी रहती है एक तार के माध्यम से।
इसके साथ ये संचालित होने के लिए इसक आधार में कुछ प्रकाश की प्रतिबिंब होना चाहिए। और ईसे आप कहीं दूर से काम नहीं कर रहे हैं क्यूंकि ये एक तार से जसा होता है।
ई के कारण ही वायरलेस माउस की उपयोगिता बढ़ जाती है।
Wireless mouse कैसे काम करता है
यहाँ वायरलेस माउस के संचालन में बहुत कुछ फार्क नहीं है, जो ऑप्टिकल माउस के मुकाबले है। ये भी उसी तरह से आंदोलनों का पता करते हैं जैसे की ऑप्टिकल माउस करते हैं।यहां बस जो फरक है, वह कंप्यूटर कों डेटा भेजने के माध्यम में है। यहाँ पर USB केबल के स्थान में वायरलेस कनेक्शन के माध्यम से डेटा का स्थानांतरण होता है।
यहाँ माउस कों संचालित करने के लिए जो शक्ति चाहिए, वह बाहरी बैटरी से आती है। बाकि माउस के पूरे ऑपरेशन ऑप्टिकल माउस के जैसे ही हैं।
वायरलेस माउस के नुकसान
ईसका जो मुख्य disadvantage है वो ये की ईसे operate करने के लिए external batteries की जरुरत होती है.वही अगर कभी अचानक ही battery ख़त्म हो गयी तब user कों बहुत तकलीफ होती है mouse के लिए. ईसके साथ ये battery के होने से काफी भारी भी होता है. ईसके अलावा ये सबसे costly भी होता है.
माउस का भविष्य
जैसे जैसे Technology में advancement हो रही है, ऐसे में Mouse भी ईस line में शामिल है. जहाँ पहले हम ball mouse का ईस्तमाल करते थे वही अभी Wireless Mouse का ईस्तमाल किया जाता है.धीरे धीरे शायद और माउस का ईस्तमाल बंद भी हो जाये क्यूंकि AI (Artificial Intelligence) के बढ़ जाने से अब तो voice commands की ज्यादा demand बढ़ गयी है.
लोगों कों और भी सुविधा की जरुरत है वो कोंई काम करने के लिए अपने हाथों का ईस्तमाल नहीं करना चाहते हैं. ऐसे में वो दिन दूर नहीं जब Mouse बस एक पुरातन device के हिसाब से रह जायेगा.
लेकिन ऐसा होने में अभी समय है. देखते हैं भविष्य हमारे लिए क्या नयी नयी चीज़ें लेकर आने वाला है.
optical mouse kya hai
माउस क्या है
आज आपने क्या सिखा Computer Mouse के बारे में
मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों कों माउस क्या है (What is Mouse, How many type in mouse? ) और ये कितने प्रकार के होते हैं? के बारे में पूरी जानकारी दी और में आशा करता हूँ आप लोगों कों माउस का पूरा नाम के बारे में समझ आ गया होगा.
मेरा आप सभी पाठकोंं से गुजारिस है की आप लोग भी ईस जानकारी कों अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और ईससे सबकों बहुत लाभ होगा.
मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.
मेरा हमेशा से यही कोंशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकोंं का हर तरफ से हेल्प करूँ, यदि आप लोगों कों किसी भी तरह की कोंई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं.
मैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोंशिश करूँगा. आपकों यह लेख माउस फुल फॉर्म और माउस के प्रकार कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले.
मेरे पोस्ट के प्रति अपनी प्रसन्नता और उत्त्सुकता कों दर्शाने के लिए कृपया ईस पोस्ट कों Social Networks जैसे कि Facebook, Telegram, Whatsapp, Twitter ईत्यादि पर share कीजिये.

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